Q.1. धातुओं के भौतिक एवं रासायनिक गुण धर्मों का उल्लेख करें |
उत्तर - धातुओं के भौतिक एवं रासायनिक गुण धर्म निम्नलिखित हैं :-
भौतिक गुण धर्म का उल्लेख:- (a) धातुएँ आघातवर्ध्य तन्य होती है अर्थात धातुओं की पतली चादरों को पीटा जा सकता है और महीन तारों में खींचा जा सकता है | (b धातुएँ ऊष्मा और विद्युत का सुचालक होती है | (c) धातुएँ चमकदार होती है और उन्हे चमकाया जा सकता है | (d) धातुएँ कमरे के ताप पर ठोस होती है (मर्करी के अतिरिक्त जो एक द्रव्य धातु है) |
रासायनिक गुण धर्म का उल्लेख :- (a) धातुएँ क्षारकीय ऑक्साइड बनाती है | (b) धातुएँ जल से हाइड्रोजन विस्थापित करती है | (c) धातुएँ तनु अम्ल से हाइड्रोजन विस्थापित करती है | (d) धातुएँ क्लोरीन के साथ आयनिक क्लोराइड बनाती है |
Q.2. आधुनिक आवर्त्त सारणी में तत्वों की संयोजकता, परमाणु आकार और धात्विक एवं अधात्विक गुण धर्मों की प्रवृत्ति को समझावें |
उत्तर - परमाणु संख्या के आधार पर तत्वों को सजाकर आवर्त्त सारणी को संशोधित रूप में प्रस्तुत किया गया है जिसे आधुनिक आवर्त्त सारणी कहते हैं | इसे आवर्त्त सारणी का दीर्घ या वृहत रूप भी कहते हैं | आधुनिक आवर्त्त सारणी में उपवर्ग A और B को अलग-अलग करके वर्गों की संख्याओं को बढ़ा दी गई है | इस प्रकार आवर्त्त सारणी में अब 18 वर्ग हो गए हैं | IUPAC के नवीनतम अनुशंसा के अनुसार, आवर्त्त सारणी के वर्गों के संख्याओं को अरबी अंकों में (1,2,3,4 से लेकर 18 तक) व्यक्त किया गया है |
Q.3. रंध्र का मुख्य कार्य क्या है ?
उत्तर - रंध्र के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं - वाष्पोत्सर्जन तथा गैसों का आदान-प्रदान | पौधों की पत्तियों की सतह पर असंख्य छोटे-छोटे छिद्र पाए जाते हैं, जो भीतरी पादप उत्तकों और बाहर पर्यावरण के बीच गैसों का आदान-प्रदान करते हैं, इस छिद्रों को स्टोमेटा या रंध्र कहते हैं | वायु अन्य जीवित कोशिकाओं तक विसरण के द्वारा पहुँचती है, वातरंध्र तनों के छाल में उपस्थित रंध्र है, जिनके द्वारा तना वातावरण से गैसों का आदान-प्रदान करता है |
Q.4. प्रतिवर्ती क्रिया में मस्तिष्क की क्या भूमिका है ?
उत्तर - प्रतिवर्ती क्रियाएँ मस्तिष्क के द्वारा परिचालित नहीं होती है | ये मेरुरज्जु के द्वारा यांत्रिक पेशियों की अनैच्छिक क्रियाएँ होती है जो प्रेरक के प्रत्युत्तर में होती है | ये क्रियाएँ चाहे मस्तिष्क के इच्छा के बिना होती है पर मस्तिष्क तक इसकी सूचना पहुँचती है जहाँ सोचने-विचारणे की प्रक्रिया होती है |
Q.5. DNA की प्रतिकृति बनाना जनन के लिए आवश्यक क्यों है ?
उत्तर - DNA गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं जो कोशिका के केन्द्रक में उपस्थित होते हैं | ये जनन की विशेष सूचना को धारण करने वाली प्रोटीन के निर्माण के लिए उत्तरदायी होते हैं | प्रत्येक प्रकार की सूचना के लिए विशिष्ट प्रकार की प्रोटीन उत्तरदायी होती है | DNA के अणुओं में आनुवंशिक गुणों का संदेश होता है जो जनक से संतति पीढ़ी में जाता है |
