Q.1. प्रकाश के परावर्तन के नियम को लिखें |
उत्तर - जब प्रकाश की किरण किसी चिकनी सतह पर आपतित होती है तो उसी दिशा में परावर्तित हो जाती है | इसके दो नियम हैँ -
(a) आपतित किरण, आपतन बिंदु पर डाला गया अभिलंब एवं परवार्तित किरण एक ही तल में होती है |
(b) आपतन कोण(i) तथा परावर्तन कोण(r) आपस में बराबर होते हैँ |
Q.2. प्रकाश का प्रकीर्णन से आप क्या समझते हैँ ? इसे एक उदाहरण देकर समझाएँ |
उत्तर - श्वेत प्रकाश या सूर्य का प्रकाश जब एक प्रिज्म से गुजरता है तो वह अपने विभिन्न अवयवी रंगों में विभक्त या अलग हो जाता है | विभिन्न रंगों में विभक्त होने की घटना को प्रकाश का प्रकीर्णन कहते हैँ |
इंद्रधनुष का बनना प्रकाश के प्रकीर्णन का एक अच्छा उदाहरण है |
Q.3. दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद क्यों नहीं करती है ?
उत्तर - चुंबकीय सूई सदा एक हीं दिशा की और संकेत करती है | यदि दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करे तो इसका अर्थ होगा की प्रतिच्छेद बिन्दु पर चुंबकीय क्षेत्र की दो दिशाएँ हैं और दिक्सूची ने दो दिशाओं की ओर संकेत किया है जो संभव नहीं है इसलिए चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक दूसरे को कभी प्रतिच्छेद नहीं करती है |
Q.4. नवीकरणीय तथा अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में दो अंतर लिखें |
उत्तर - नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत :- (a) नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत असीमित होता है अर्थात इसका पुनः पूर्ति होता रहता है | (b) यह वायुमंडल को प्रदूषित नहीं करता है |
अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत :- (a) यह ऊर्जा स्रोत सीमित होता है अर्थात इसके निर्माण में हजारों वर्ष लग जाते हैं | (b) यह वायुमंडल को प्रदूषित करता है |
Q.5. किस परिस्थिति में फ्लेमिंग के दक्षिण हस्त् नियम का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर - किसी चुंबकीय क्षेत्र में लंबवत स्थिर धारावाही सीधे चालक पर लगने वाला बल फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम द्वारा ज्ञात किया जा सकता है |
अपने बाएँ हाथ की तर्जनी में मध्य अंगुली को इस प्रकार फैलाओ कि वे परस्पर समकोण बनाएँ | तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र को निर्दिष्ट करेगी | मध्य अंगुली धारा के प्रवाह की दिशा को बताएगी और अंगूठा चालक की दिशा को प्रकट करेगा |
